Shine63: 63 की उम्र में नई शुरुआत – समाज, नेतृत्व और सकारात्मक ऊर्जा की ओर
नमस्कार दोस्तों!
इस मार्च में मैं 63 वर्ष का हो जाऊंगा। कई लोग कहेंगे — “अब आराम का समय है।” लेकिन मैं कहता हूं, “नहीं, अब तो असली शुरुआत का समय है!” उम्र सिर्फ एक संख्या है, और इसे कभी भी अपनी सीमा नहीं मानना चाहिए। जीवन की असली चमक तो तब आती है जब हम नई चुनौतियां स्वीकार करते हैं, समाज के लिए कुछ करते हैं, नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं और सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहते हैं। आज मैं आपके साथ एक ऐसी यात्रा साझा कर रहा हूं जो मुझे प्रेरित करती है – Shine63। यह ब्लॉग पोस्ट उन सभी के लिए है जो सोचते हैं कि जीवन में नई शुरुआत की कोई उम्र नहीं होती। हम बात करेंगे उद्यमिता प्रेरणा प्रशिक्षण (Entrepreneurship Motivation Training), उपलब्धि प्रेरणा प्रशिक्षण (Achievement Motivation Training), सामाजिक उद्यमिता (Social Entrepreneurship), उत्पादकता (Productivity) और इस सब में कैसे उम्र को कभी सोचना नहीं चाहिए। मैं चाहता हूं कि आप इसमें डूब जाएं और अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं।
उम्र को कभी न सोचें: जीवन की असली शुरुआत
सबसे पहले, आइए इस मिथक को तोड़ें कि उम्र बढ़ने के साथ जीवन की गति धीमी हो जाती है। मैं 63 वर्ष का होने वाला हूं, लेकिन मेरे मन में ऊर्जा 23 वर्ष के युवा जैसी है। क्यों? क्योंकि मैंने कभी उम्र को अपनी सीमा नहीं माना। विज्ञान कहता है कि मस्तिष्क की प्लास्टिसिटी जीवनभर बनी रहती है – हम नई चीजें सीख सकते हैं, नए सपने देख सकते हैं। कर्नल सैंडर्स ने KFC की शुरुआत 65 वर्ष की उम्र में की थी। फौजा सिंह ने 100 वर्ष की उम्र में मैराथन दौड़ी। ये उदाहरण बताते हैं कि उम्र सिर्फ एक बहाना है।
- लक्ष्मण दास मित्तल (भारत के सबसे उम्रदराज अरबपति) – 60 वर्ष की उम्र में LIC एजेंट से रिटायर होकर सोनालिका ट्रैक्टर ग्रुप शुरू किया। आज 95 वर्ष की उम्र में भी वे कंपनी संभालते हैं, नेटवर्थ लगभग 49,000 करोड़ रुपये। भारत की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी!
- कृष्णदास पॉल – 60 वर्ष की उम्र में नया बिजनेस शुरू किया। जीरो से शुरू कर आज उनकी कंपनी 2100 करोड़ की है। उन्होंने पुश्तैनी कारोबार छोड़कर नया रास्ता चुना और सफल हुए।
- उर्मिला आशर – 75 वर्ष की उम्र में कोविड के दौरान गुज्जू बेन ना नास्ता क्लाउड किचन शुरू किया। गुजराती स्नैक्स बेचकर लाखों कमाए और मास्टरशेफ इंडिया में भी दिखीं।
- फल्गुनी नायर – 50 वर्ष की उम्र में Nykaa शुरू किया। आज भारत की सबसे बड़ी ब्यूटी कंपनी, और वे फोर्ब्स की 50 ओवर 50 लिस्ट में हैं।
मैं आपको बताता हूं, मेरी अपनी कहानी। कुछ साल पहले, मैंने सोचा कि अब रिटायरमेंट का समय है। लेकिन एक दिन, एक किताब पढ़ते हुए मुझे एहसास हुआ – जीवन आराम के लिए नहीं, योगदान के लिए है। मैंने फैसला किया कि मैं समाज के लिए कुछ करूंगा। नेतृत्व की भूमिका लूंगा, सकारात्मक ऊर्जा फैलाऊंगा। और यही Shine63 का जन्म हुआ। यह एक मूवमेंट है जहां हम उम्र को भूलकर नई शुरुआत करते हैं। यदि आप भी 50, 60 या उससे अधिक उम्र के हैं, तो याद रखें: कभी उम्र के बारे में न सोचें। बस आगे बढ़ें।
उद्यमिता प्रेरणा प्रशिक्षण: नई शुरुआत की कुंजी
उद्यमिता प्रेरणा प्रशिक्षण (Entrepreneurship Motivation Training) वह प्रक्रिया है जो आपको व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा देती है। यह सिर्फ पैसे कमाने के बारे में नहीं, बल्कि समस्या हल करने, नवाचार करने और स्वतंत्रता प्राप्त करने के बारे में है। यदि आप 63 वर्ष के हैं, तो यह आपके लिए परफेक्ट है। क्यों? क्योंकि आपके पास अनुभव है, जो युवाओं के पास नहीं होता।
इस प्रशिक्षण में पहला कदम है स्व-मूल्यांकन। पूछिए खुद से: मेरी ताकत क्या है? मेरी रुचियां क्या हैं? उदाहरण के लिए, यदि आपने जीवनभर शिक्षा क्षेत्र में काम किया है, तो ऑनलाइन कोर्स शुरू करें। प्रशिक्षण में मोटिवेशनल स्पीकर जैसे टोनी रॉबिन्स की तकनीकें शामिल होती हैं – विजुअलाइजेशन, जहां आप अपने सफल उद्यम की कल्पना करते हैं।
दूसरा, जोखिम प्रबंधन। कई लोग सोचते हैं कि उम्र में जोखिम नहीं लेना चाहिए। लेकिन याद रखें, कभी उम्र न सोचें। छोटे से शुरू करें – एक साइड बिजनेस। जैसे, यदि आप कृषि से जुड़े हैं, तो ऑर्गेनिक फार्मिंग का स्टार्टअप। प्रशिक्षण में केस स्टडीज होती हैं, जैसे भारत के धीरूभाई अंबानी, जिन्होंने देर से शुरुआत की लेकिन साम्राज्य खड़ा किया।
तीसरा, नेटवर्किंग। प्रशिक्षण आपको सिखाता है कैसे लोगों से जुड़ें। लिंक्डइन, लोकल मीटअप्स – ये सब इस्तेमाल करें। मैंने खुद एक ऑनलाइन कम्युनिटी शुरू की जहां 60+ उम्र के लोग उद्यमिता पर चर्चा करते हैं। परिणाम? सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह।
उद्यमिता प्रेरणा प्रशिक्षण में शामिल होने के फायदे अनगिनत हैं। यह आपको आत्मविश्वास देता है, नए कौशल सिखाता है जैसे डिजिटल मार्केटिंग, और सबसे महत्वपूर्ण, जीवन में उद्देश्य देता है। यदि आप शुरू करना चाहते हैं, तो ऑनलाइन कोर्स जैसे Coursera के "Entrepreneurship Specialization" से शुरुआत करें। याद रखें, उम्र कोई बाधा नहीं।
उपलब्धि प्रेरणा प्रशिक्षण: लक्ष्यों को हासिल करने की कला
अब बात करते हैं उपलब्धि प्रेरणा प्रशिक्षण (Achievement Motivation Training) की। यह वह प्रशिक्षण है जो आपको लक्ष्य निर्धारित करने, उन्हें हासिल करने और असफलताओं से सीखने की प्रेरणा देता है। डेविड मैक्लेलैंड द्वारा विकसित यह थ्योरी कहती है कि उपलब्धि की प्रेरणा (nAch) हर व्यक्ति में होती है, बस उसे जगाना पड़ता है।
63 वर्ष की उम्र में यह प्रशिक्षण क्यों जरूरी? क्योंकि इस उम्र में कई लोग सोचते हैं कि अब क्या हासिल करना बाकी है। लेकिन मैं कहता हूं, बहुत कुछ! प्रशिक्षण में पहला स्टेप है लक्ष्य सेटिंग – SMART गोल्स (Specific, Measurable, Achievable, Relevant, Time-bound)। उदाहरण: "इस साल एक सामाजिक प्रोजेक्ट शुरू करूंगा जो 100 लोगों की मदद करे।"
दूसरा, माइंडसेट बदलना। ग्रोथ माइंडसेट अपनाएं, जहां असफलता को सीखने का अवसर मानें। प्रशिक्षण में रोल-प्लेइंग एक्सरसाइज होती हैं, जहां आप काल्पनिक चुनौतियों का सामना करते हैं। मैंने खुद यह ट्रेनिंग ली और पाया कि मेरी उत्पादकता बढ़ गई।
तीसरा, फीडबैक लूप। नियमित रूप से अपनी प्रगति की समीक्षा करें। ऐप्स जैसे Habitica इस्तेमाल करें। उपलब्धि प्रेरणा प्रशिक्षण आपको सिखाता है कि कैसे सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखें – ध्यान, योग और पॉजिटिव अफर्मेशन्स से।
भारत में कई संस्थान जैसे IITs के एंटरप्रेन्योरशिप सेल यह ट्रेनिंग देते हैं। यदि आप इसमें शामिल होते हैं, तो आपका नेतृत्व कौशल मजबूत होगा, क्योंकि उपलब्धि हासिल करने से आप दूसरों को प्रेरित कर सकते हैं। कभी उम्र न सोचें – यह प्रशिक्षण किसी भी उम्र में काम करता है।
सामाजिक उद्यमिता: समाज के लिए योगदान
सामाजिक उद्यमिता (Social Entrepreneurship) वह क्षेत्र है जहां आप व्यवसाय के माध्यम से सामाजिक समस्याओं का समाधान करते हैं। यह सिर्फ लाभ कमाने के बारे में नहीं, बल्कि प्रभाव पैदा करने के बारे में है। 63 वर्ष की उम्र में यह परफेक्ट है, क्योंकि आपके पास जीवन का अनुभव है जो सामाजिक मुद्दों को समझने में मदद करता है।
उदाहरण के लिए, यदि पर्यावरण आपकी चिंता है, तो एक स्टार्टअप शुरू करें जो रीसाइक्लिंग पर फोकस करे। मुहम्मद यूनुस की ग्रामीण बैंक जैसा मॉडल अपनाएं। सामाजिक उद्यमिता में पहला कदम है समस्या पहचानना – गरीबी, शिक्षा, स्वास्थ्य।
दूसरा, बिजनेस मॉडल बनाना। यह लाभदायक होना चाहिए लेकिन सामाजिक प्रभाव पर केंद्रित। फंडिंग के लिए क्राउडफंडिंग या सरकारी स्कीम्स जैसे SEBI के सोशल स्टॉक एक्सचेंज इस्तेमाल करें।
तीसरा, टीम बिल्डिंग। युवाओं को शामिल करें – आपका अनुभव और उनकी ऊर्जा मिलकर चमत्कार करेगी। मैंने खुद एक सामाजिक प्रोजेक्ट शुरू किया जहां वृद्ध लोगों को डिजिटल स्किल्स सिखाते हैं। परिणाम? समाज में सकारात्मक बदलाव और मेरे जीवन में नई ऊर्जा।
सामाजिक उद्यमिता नेतृत्व की मिसाल है। यह आपको सिखाता है कैसे दूसरों का मार्गदर्शन करें, टीम को मोटिवेट करें। भारत में संगठन जैसे Ashoka Fellowship यह सपोर्ट देते हैं। यदि आप शुरू करेंगे, तो उम्र कभी बाधा नहीं बनेगी।
उत्पादकता: दैनिक जीवन में ऊर्जा बनाए रखें
उत्पादकता (Productivity) वह कुंजी है जो आपको लक्ष्यों तक पहुंचाती है। 63 वर्ष की उम्र में कई लोग थकान महसूस करते हैं, लेकिन सही तकनीकों से आप पूरे दिन ऊर्जावान रह सकते हैं। कभी उम्र न सोचें – उत्पादकता हर उम्र में बढ़ाई जा सकती है।
पहला, टाइम मैनेजमेंट। Pomodoro तकनीक इस्तेमाल करें – 25 मिनट काम, 5 मिनट ब्रेक। ऐप्स जैसे Todoist से टास्क लिस्ट बनाएं।
दूसरा, स्वास्थ्य। व्यायाम, संतुलित आहार और नींद – ये उत्पादकता के आधार हैं। योग और मेडिटेशन से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाएं।
तीसरा, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल। Google Calendar, Trello जैसे टूल्स से काम आसान करें। मैंने पाया कि डेली रूटीन में उत्पादकता बढ़ाने से मेरी उद्यमिता यात्रा आसान हो गई।
उत्पादकता प्रशिक्षण में शामिल हों – किताबें जैसे "Atomic Habits" पढ़ें। यह आपको सिखाएगा कैसे छोटे बदलाव बड़े परिणाम देते हैं। नेतृत्व में उत्पादकता जरूरी है, क्योंकि आपका उदाहरण दूसरों को प्रेरित करता है।
नेतृत्व और सकारात्मक ऊर्जा: Shine63 का सार
नेतृत्व वह गुण है जो आपको दूसरों को निर्देशित करने की शक्ति देता है। 63 वर्ष में आपका अनुभव आपको प्राकृतिक नेता बनाता है। सकारात्मक ऊर्जा से भरा नेतृत्व समाज को बदल सकता है।
प्रशिक्षण में सीखें – इमोशनल इंटेलिजेंस, कम्युनिकेशन स्किल्स। किताबें जैसे "The 7 Habits of Highly Effective People" पढ़ें। सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए ग्रेटिट्यूड जर्नल रखें।
मैं Shine63 में लोगों को प्रेरित करता हूं कि उम्र को भूलकर समाज के लिए काम करें। एक कम्युनिटी बनाएं, वर्कशॉप्स आयोजित करें।
मैं भी समाज में EMT (Entrepreneurial Motivation Training) और AMT (Achievement Motivation Training) के साथ सामाजिक उद्यमिता (Social Entrepreneurship) शुरू करूंगा!
यह मेरे लिए सिर्फ एक नया कदम नहीं, बल्कि जीवन का एक नया अध्याय होगा – जहां मैं अपने अनुभव, ऊर्जा और सीखी हुई प्रेरणा को समाज की सेवा में लगाऊंगा। 63 की उम्र में भी मैं मानता हूं कि उम्र कोई बाधा नहीं, बल्कि ताकत है। मैं उन लोगों के लिए एक मिसाल बनना चाहता हूं जो सोचते हैं कि अब बहुत देर हो गई है। नहीं, अब सही समय है!
EMT मुझे उद्यमी बनने की आंतरिक प्रेरणा देगा – नए विचारों को जन्म देने, जोखिम लेने और स्वतंत्रता से आगे बढ़ने की शक्ति। AMT मुझे लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून सिखाएगा – हर चुनौती को अवसर में बदलने, असफलता से डरने नहीं बल्कि उससे सीखने की कला। और इन दोनों के साथ सामाजिक उद्यमिता शुरू करके मैं पैसा कमाने के साथ-साथ समाज की असली समस्याओं का समाधान करूंगा – जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, वृद्धजनों की देखभाल या ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना।
मैं एक ऐसा सामाजिक उद्यम शुरू करूंगा जो न सिर्फ लाभदायक हो, बल्कि सैकड़ों-हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। मेरी टीम में युवा और अनुभवी दोनों होंगे – मैं उनका मार्गदर्शन करूंगा, और वे मुझे नई ऊर्जा देंगे। Shine63 इसी सोच का हिस्सा बनेगा – जहां हम सब मिलकर समाज को बेहतर बनाने का संकल्प लेंगे।
मैं तैयार हूं! क्या आप भी मेरे साथ इस यात्रा में शामिल होंगे? आइए, उम्र को भूलकर समाज के लिए कुछ बड़ा करें। जय हो!
निष्कर्ष: अब आपकी बारी
दोस्तों, इस ब्लॉग में हमने देखा कि 63 वर्ष में नई शुरुआत कैसे करें। उद्यमिता प्रेरणा प्रशिक्षण से व्यवसाय शुरू करें, उपलब्धि प्रेरणा से लक्ष्य हासिल करें, सामाजिक उद्यमिता से समाज बदलें, उत्पादकता से ऊर्जावान रहें। कभी उम्र न सोचें – जीवन अनंत संभावनाओं से भरा है। Shine63 में शामिल हों, सकारात्मक ऊर्जा फैलाएं। यदि यह पोस्ट आपको प्रेरित करे, तो शेयर करें। जीवन की चमक कभी फीकी नहीं पड़ती – बस इसे जलाए रखें!



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